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ये क्या गली है........

Image result for alone streetये क्या गली है, ये क्या नगर है, 
रात के अंधेरे में गहराता कोई कहर है|
सिमटी हुई हैं सांसे, ना जाने कैसा डर है, 
ना जिस्म का पता है ना जान की खबर है|
कब जाने क्या हो जाये, किसको यहाँ फिकर है, 
कुछ चैन से हैं सोते, कुछ नींद को तरसते|

कुछ गुम हैं होश खोकर, मदमस्त हो नशे में, 
कुछ हैं तडपते निस दिन, अंगार हैं बरसते |
कोई नहीं सहारा कोई न हमसफर है, 
है रात का अंधेरा सुनसान मंज़र है|
है खौंफ मरने का, जिंदगी बेसबर है, 
ये गली है दोस्तों, कैसे ये नगर है|

-रजत द्विवेदी

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