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काल अभी तुम ठहरो ज़रा....

काल अभी तुम ठहरो ज़रा 
कुछ काम अभी तक बाकी हैं|
कुछ कर्ज़ चुकाने बाकी हैं
कुछ फ़र्ज़ निभाने बाकी हैं|

काल अभी तुम ठहरो ज़रा
कुछ दान धरम अभी बाकी है|
कुछ परहित कर्म अभी बाकी है 
कुछ मुनज धर्म अभी बाकी है|

काल अभी तुम ठहरो ज़रा
कुछ सजदे करना बाकी है 
माँ-बाप और ईश्वर के आगे 
नतमस्तक होना बाकी है|

काल अभी तुम ठहरो ज़रा
कुछ दिल्लगी करनी बाकी है 
एक इश्क में डूबना बाकी है 
फिर ख़ुद ही उभरना बाकी है|

काल अभी तुम ठहरो ज़रा
कुछ याद भुलानी बाकी हैं|
कुछ ख्बाव देखने बाकी हैं 
फिर दिल तुड़वाना बाकी है|

काल अभी तुम ठहरो ज़रा
अभी कुछ कहानियाँ बाकी हैं|
कुछ किस्से सुनने बाकी हैं 
कुछ गीत सुनाने बाकी हैं|

काल अभी तुम ठहरो ज़रा
एक जंग अभी तक बाकी है|
ख़ुद से ही हारना बाकी है 
ख़ुद से ही जीतना बाकी है|

काल अभी तुम ठहरो ज़रा 
कुछ काम अभी तक बाकी हैं|
तुझसे हारना बाकी है|
तुझको ही हराना बाकी है|

काल अभी तुम ठहरो ज़रा
कुछ नाम करना बाकी है|
इतिहास के पन्नों पर अपनी 
पहचान बनानी बाकी है|

-रजत द्विवेदी 

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